India-EU Trade Deal: “सौदों की जननी” और विकसित भारत @2047 की ओर बड़ा कदम

India-EU Trade Deal भारत के आर्थिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने अपने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताओं को सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। इस समझौते को विशेषज्ञों द्वारा “सौदों की जननी” कहा जा रहा है, क्योंकि यह भारत को साल 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा।

1.ऐतिहासिक India-EU Trade Deal की पृष्ठभूमि

यह India-EU Trade Deal सिर्फ एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक मजबूत साझेदारी है।

  • विशाल बाजार: भारत और यूरोपीय संघ का संयुक्त बाजार लगभग ₹2091.6 लाख करोड़ ($24 ट्रिलियन) का है।
  • व्यापार मूल्य: साल 2024-25 में दोनों के बीच माल का द्विपक्षीय व्यापार लगभग ₹11.5 लाख करोड़ रहा, जिसमें भारत ने अकेले ₹6.4 लाख करोड़ का सामान यूरोप भेजा।

2.निर्यातकों के लिए India-EU Trade Deal के लाभ

इस समझौते के बाद भारत के 99% से अधिक निर्यात को यूरोपीय बाजार में बिना किसी रुकावट के जगह मिलेगी। भारत को अपनी 97% टैरिफ लाइनों (उत्पादों) पर विशेष रियायतें मिली हैं।

कपड़ा और चमड़ा उद्योग

भारत के कपड़ा, जूते और चमड़ा उद्योग के लिए यह समझौता एक वरदान है। इन क्षेत्रों में अब आयात शुल्क (Duty) 12% से 17% तक कम होकर शून्य हो जाएगा, जिससे भारत में लाखों नए रोजगार पैदा होंगे।

रत्न और आभूषण

भारत के आभूषणों के लिए यूरोप एक बहुत बड़ा बाजार है। India-EU Trade Deal के तहत अब ₹23.5 हजार करोड़ के निर्यात पर कोई कर नहीं लगेगा।

3.कृषि और किसानों के लिए नया सवेरा

India-EU Trade Deal का सबसे बड़ा फायदा हमारे देश के किसानों को होने वाला है।

  • फल और सब्जियां: ताजे फल, सब्जियां, चाय, कॉफी और मसालों को अब यूरोप के बड़े शहरों में बेचना आसान होगा।
  • सुरक्षा कवच: भारत ने अपनी खेती को बचाने के लिए डेयरी, अनाज और मुर्गी पालन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखा है, ताकि हमारे घरेलू उत्पादक सुरक्षित रहें।

4.सेवा क्षेत्र और पेशेवरों के लिए India-EU Trade Deal

सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और अन्य सेवाओं में भारत दुनिया का नेतृत्व करता है। इस समझौते ने भारतीय पेशेवरों के लिए यूरोप के द्वार खोल दिए हैं।

  • वीजा नियमों में ढील: आईटी पेशेवरों, इंजीनियरों और स्वतंत्र विशेषज्ञों के लिए यूरोप में प्रवेश और वहां ठहरने के नियमों को काफी सरल बनाया गया है।
  • आयुष और योग (H3): भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति (AYUSH) और योग विशेषज्ञों को अब यूरोपीय संघ के देशों में अपने क्लिनिक और केंद्र खोलने की विशेष अनुमति मिलेगी।

5.लघु उद्योगों और ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए India-EU Trade Deal नए वैश्विक रास्ते खोलता है।

  • सरल कागजी कार्रवाई: अब छोटे व्यापारियों को प्रमाणपत्रों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे ‘सेल्फ-सर्टिफिकेशन’ के जरिए अपना सामान यूरोप भेज सकेंगे।
  • रसायन और खनिज: भारत के रसायन उद्योग को यूरोप के ₹43.57 लाख करोड़ के विशाल आयात बाजार में सीधी पहुंच मिलेगी।

निष्कर्ष

संक्षेप में कहें तो, India-EU Trade Deal भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई उड़ान देने वाला है। यह न केवल व्यापार बढ़ाएगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक पहचान दिलाते हुए हर भारतीय के लिए समृद्धि के नए मार्ग खोलेगा।

अधिक जानकारी के लिए देखें:

FAQ

1.”सौदों की जननी” कहा जाने वाला India-EU Trade Deal क्या है?

यह भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता है, जो दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को खत्म कर आर्थिक विकास के नए रास्ते खोलता है।

2. India-EU Trade Deal से आम जनता और पेशेवरों को क्या लाभ होगा?

इस India-EU Trade Deal के कारण आईटी पेशेवरों, डॉक्टरों और इंजीनियरों के लिए यूरोप में काम करना और वीजा पाना आसान हो जाएगा। साथ ही, भारतीय छात्रों को वहां पढ़ाई के बाद काम करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

क्या India-EU Trade Deal से भारत में रोजगार बढ़ेंगे?

हाँ, इस India-EU Trade Deal से कपड़ा, चमड़ा और रत्न-आभूषण जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ेगा, जिससे भारत में लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

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