Anthropic के AI टूल से वैश्विक बाजारों में हड़कंप
फरवरी 2026 की शुरुआत में वैश्विक शेयर बाजारों में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली। अमेरिका की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic द्वारा पेश किए गए नए AI टूल ने निवेशकों के बीच यह डर पैदा कर दिया कि आने वाले समय में सॉफ्टवेयर और IT सर्विसेज की पारंपरिक कमाई पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है।
- Anthropic के AI टूल से वैश्विक बाजारों में हड़कंप
- Anthropic का नया AI टूल क्या करता है?
- निवेशकों को डर क्यों लगा?
- यूरोपीय लीगल-टेक कंपनियों में भारी गिरावट
- अमेरिकी सॉफ्टवेयर शेयरों में मची भारी बिकवाली
- भारतीय IT शेयर क्यों गिरे?
- भारतीय IT कंपनियों को लेकर निवेशकों की चिंता
- क्या यह भारतीय IT सेक्टर के लिए खतरा है?
- निवेशकों के लिए क्या संकेत?
- निष्कर्ष
- 1. Anthropic का नया AI टूल क्या है?
- 2. Anthropic AI टूल से शेयर बाजार में गिरावट क्यों आई?
- 3. भारतीय IT शेयर क्यों गिरे?
- 4. क्या AI टूल भारतीय IT कंपनियों की नौकरियां खत्म कर देगा?
- 5. क्या यह गिरावट भारतीय IT सेक्टर के लिए खतरे का संकेत है?
- 6. किन सेक्टरों पर AI का सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है?
- 7. क्या यह गिरावट लंबे समय तक चलेगी?
- 8. निवेशकों को अभी क्या करना चाहिए?
- 9. क्या AI सॉफ्टवेयर कंपनियों को पूरी तरह खत्म कर देगा?
- 10. Anthropic AI टूल से सबसे बड़ा सबक क्या मिलता है?
इसका असर सिर्फ अमेरिका या यूरोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय शेयर बाजार में भी IT सेक्टर के शेयर बुरी तरह टूट गए।
Anthropic का नया AI टूल क्या करता है?
Anthropic ने अपने AI असिस्टेंट Claude के तहत Claude Cowork नाम का एक नया टूल लॉन्च किया है। यह टूल कॉरपोरेट कंपनियों की लीगल और प्रोफेशनल टीमों के लिए बनाया गया है।
यह AI टूल निम्नलिखित काम खुद कर सकता है:
- कॉन्ट्रैक्ट और एग्रीमेंट की समीक्षा
- NDA और कानूनी दस्तावेज़ों की जांच
- लीगल समरी और रिपोर्ट तैयार करना
- स्टैंडर्ड ड्राफ्टिंग और डेटा एनालिसिस
- कंप्लायंस और रूटीन वर्क का ऑटोमेशन
हालांकि कंपनी का कहना है कि यह टूल कानूनी सलाह नहीं देता और अंतिम निर्णय इंसानों को ही लेना होगा।
निवेशकों को डर क्यों लगा?
असल चिंता AI की मौजूदगी से नहीं, बल्कि उसकी क्षमता और मंशा से पैदा हुई। निवेशकों को यह संकेत मिला कि अब AI केवल काम आसान करने का जरिया नहीं रहा, बल्कि वह सीधे-सीधे उन सेवाओं की जगह ले सकता है जिन पर सॉफ्टवेयर और IT कंपनियां निर्भर हैं।
यहीं से बाजार में यह धारणा बनने लगी कि आने वाले वर्षों में कई कंपनियों का बिजनेस मॉडल कमजोर पड़ सकता है।
यूरोपीय लीगल-टेक कंपनियों में भारी गिरावट
Anthropic के AI टूल की घोषणा के बाद सबसे पहले झटका यूरोप की बड़ी लीगल और डेटा कंपनियों को लगा।
- RELX के शेयर 14% से ज्यादा टूटे
- Wolters Kluwer में 12% से अधिक गिरावट आई
- Pearson के शेयर भी दबाव में रहे
इन कंपनियों का मुख्य कारोबार कानूनी रिसर्च और प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर पर आधारित है, जिसे AI सीधे प्रभावित कर सकता है।
अमेरिकी सॉफ्टवेयर शेयरों में मची भारी बिकवाली
अमेरिकी बाजारों में भी AI को लेकर डर तेजी से फैला। कई बड़ी कंपनियों के शेयर एक ही दिन में दो अंकों में टूट गए।
- Thomson Reuters के शेयर करीब 16% गिरे
- LegalZoom और
- London Stock Exchange Group में 12% से ज्यादा की गिरावट
अनुमान के मुताबिक, सॉफ्टवेयर और डेटा सेक्टर से जुड़े शेयरों में एक दिन में ही लगभग 300 अरब डॉलर का बाजार मूल्य साफ हो गया।
भारतीय IT शेयर क्यों गिरे?
अमेरिका और यूरोप में आई गिरावट का असर बुधवार सुबह भारतीय बाजार पर दिखा। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण IT शेयरों में तेज गिरावट आई।
इन प्रमुख कंपनियों के शेयर टूटे:
- Infosys
- Tata Consultancy Services
- HCLTech
- Tech Mahindra
- Wipro
Nifty IT इंडेक्स लगभग 6% गिर गया और अनुमान है कि भारतीय बाजार में करीब 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश मूल्य घट गया।
भारतीय IT कंपनियों को लेकर निवेशकों की चिंता
भारतीय IT कंपनियों का बिजनेस मॉडल बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की संख्या और बिलिंग पर आधारित है।
लेकिन AI टूल्स:
- एंट्री-लेवल कोडिंग
- सॉफ्टवेयर टेस्टिंग
- डॉक्यूमेंटेशन
- लीगल और डेटा एनालिसिस
जैसे काम बहुत कम लागत में कर सकते हैं। इससे निवेशकों को डर है कि भविष्य में:
- कर्मचारियों की मांग घट सकती है
- मुनाफे पर दबाव आएगा
- पारंपरिक IT सर्विसेज की जरूरत कम हो सकती है
क्या यह भारतीय IT सेक्टर के लिए खतरा है?
विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट किसी संकट का संकेत नहीं, बल्कि चेतावनी है। भारतीय IT कंपनियां पहले से ही AI, क्लाउड और ऑटोमेशन में निवेश कर रही हैं।
अब बाजार यह देखना चाहता है कि कंपनियां AI को सिर्फ एक अतिरिक्त टूल मानती हैं या अपने पूरे बिजनेस मॉडल का हिस्सा बनाती हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
- यह गिरावट अस्थायी है, स्थायी पतन नहीं
- AI-नेटिव कंपनियों को आगे बढ़त मिल सकती है
- हेडकाउंट-आधारित मॉडल पर सवाल बढ़ेंगे
- आने वाले समय में टेक शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है
निष्कर्ष
Anthropic के नए AI टूल ने यह साफ कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ सहायक तकनीक नहीं, बल्कि कई उद्योगों के लिए सीधी चुनौती बन चुकी है। बाजार की यह गिरावट डर का नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारी का संकेत है।
भारतीय IT सेक्टर के लिए यह बदलाव का समय है—जो कंपनियां AI को अपनाकर खुद को ढाल लेंगी, वही आने वाले वर्षों में मजबूती से टिकेंगी।
1. Anthropic का नया AI टूल क्या है?
Anthropic ने अपने AI असिस्टेंट Claude के तहत Claude Cowork नाम का टूल लॉन्च किया है, जो कानूनी दस्तावेज़ों की समीक्षा, ड्राफ्टिंग, डेटा एनालिसिस और अन्य रूटीन प्रोफेशनल कामों को ऑटोमेट करता है।
2. Anthropic AI टूल से शेयर बाजार में गिरावट क्यों आई?
निवेशकों को डर है कि यह AI टूल उन सेवाओं की जगह ले सकता है, जिन पर सॉफ्टवेयर और IT कंपनियों की कमाई निर्भर है। इसी आशंका के कारण वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
3. भारतीय IT शेयर क्यों गिरे?
अमेरिका और यूरोप में टेक शेयरों में आई तेज गिरावट के बाद विदेशी निवेशकों ने भारतीय IT शेयरों में भी बिकवाली की। इसका असर Infosys, Tata Consultancy Services, HCLTech और Wipro जैसी कंपनियों पर पड़ा।
4. क्या AI टूल भारतीय IT कंपनियों की नौकरियां खत्म कर देगा?
तुरंत ऐसा होने की संभावना नहीं है। लेकिन एंट्री-लेवल और रूटीन कामों में ऑटोमेशन बढ़ सकता है। भविष्य में स्किल-आधारित और AI-सपोर्टेड भूमिकाओं की मांग बढ़ने की संभावना है।
5. क्या यह गिरावट भारतीय IT सेक्टर के लिए खतरे का संकेत है?
नहीं। यह गिरावट किसी संकट से ज़्यादा बिजनेस मॉडल में बदलाव की चेतावनी है। भारतीय IT कंपनियां पहले से ही AI, क्लाउड और ऑटोमेशन में निवेश कर रही हैं।
6. किन सेक्टरों पर AI का सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है?
1. सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट
2. लीगल रिसर्च और डॉक्यूमेंटेशन
3. डेटा एनालिसिस
4. IT सर्विसेज और कंसल्टिंग
5. डिजिटल विज्ञापन और मार्केटिंग
7. क्या यह गिरावट लंबे समय तक चलेगी?
विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट भावनात्मक और अस्थायी हो सकती है। जैसे-जैसे कंपनियां AI को अपनाने की रणनीति स्पष्ट करेंगी, बाजार में स्थिरता लौट सकती है।
8. निवेशकों को अभी क्या करना चाहिए?
निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए और यह देखना चाहिए कि कौन-सी कंपनियां AI को अपने बिजनेस में गहराई से शामिल कर रही हैं। दीर्घकाल में वही कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
9. क्या AI सॉफ्टवेयर कंपनियों को पूरी तरह खत्म कर देगा?
नहीं। AI सॉफ्टवेयर का विकल्प नहीं, बल्कि उसका नया रूप बन रहा है। जो कंपनियां AI को अपनाकर खुद को बदलेंगी, वे भविष्य में ज्यादा मजबूत बनकर उभर सकती हैं।
10. Anthropic AI टूल से सबसे बड़ा सबक क्या मिलता है?
यह घटना बताती है कि अब बाजार AI को केवल अवसर नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धी ताकत के रूप में देख रहा है। टेक कंपनियों के लिए बदलाव के साथ चलना अब मजबूरी बन चुका है।





