यह खबर वाकई गर्व करने वाली है! NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने जिस तरह से बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर पर काम किया है, वह भारत की इंजीनियरिंग ताकत का एक शानदार उदाहरण है।
🏆 क्या है यह बड़ी कामयाबी?
NHAI ने आंध्र प्रदेश में सड़क निर्माण के दौरान 4 नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं। उन्होंने न केवल सबसे लंबी सड़क बहुत कम समय में बनाई, बल्कि सबसे ज्यादा निर्माण सामग्री (डामर/बिटुमिनस कंक्रीट) बिछाने का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया।
📍 रिकॉर्ड्स पर एक नज़र:
- 24 घंटे की रफ्तार: मात्र एक दिन (24 घंटे) के अंदर करीब 29 किलोमीटर (लेन-किलोमीटर) सड़क बिछा दी गई।
- भारी मात्रा में काम: एक ही दिन में 10,655 मीट्रिक टन डामर का इस्तेमाल हुआ, जो अपने आप में एक कीर्तिमान है।
- लगातार काम (Non-stop): बिना रुके कुल 156 लेन-किलोमीटर सड़क तैयार की गई।
- पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त: इससे पहले का विश्व रिकॉर्ड 84.4 लेन-किलोमीटर का था, जिसे भारत ने लगभग दोगुना (156 लेन-किमी) कर दिया।
🛠️ यह जादू कैसे हुआ? (इंजीनियरिंग का कमाल)
यह काम सिर्फ मेहनत से नहीं, बल्कि शानदार मैनेजमेंट और तकनीक से मुमकिन हुआ:
मशीनों की फौज: 70 टिपर, 5 मिक्सिंग प्लांट और 17 रोलर्स ने दिन-रात एक साथ काम किया।
क्वालिटी चेक: निर्माण के दौरान क्वालिटी से कोई समझौता न हो, इसके लिए IIT बॉम्बे जैसे बड़े संस्थानों ने निगरानी की।
टीम वर्क: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में NHAI और ‘राजपथ इंफ्राकॉन’ नाम की कंपनी ने मिलकर इस असंभव से दिखने वाले लक्ष्य को हासिल किया।
🚗 आम जनता को क्या मिलेगा?
- सफर होगा छोटा: बेंगलुरु से विजयवाड़ा जाने वालों के लिए दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम हो जाएगी।
- आर्थिक तरक्की: अच्छी सड़कों से व्यापार बढ़ता है, फैक्ट्रियों को माल पहुँचाना आसान होता है और नए रोजगार पैदा होते हैं।
- समय की बचत: गड्ढों और खराब सड़कों से मुक्ति मिलेगी, जिससे ईंधन और समय दोनों बचेंगे।
निष्कर्ष:
यह रिकॉर्ड सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि भारत अब दुनिया के सबसे बेहतरीन हाईवे बनाने की क्षमता रखता है।

