विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 के मौके पर 2 फरवरी को पूरे भारत में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों को आर्द्रभूमि (Wetlands) के महत्व, संरक्षण और पर्यावरण पर उनके प्रभाव के बारे में जागरूक करना था। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते आर्द्रभूमियों की रक्षा नहीं की गई, तो इसका असर सीधे जलवायु, पानी की उपलब्धता और जैव विविधता पर पड़ेगा।
- विश्व आर्द्रभूमि दिवस क्या है?
- भारत में आयोजित हुए प्रमुख कार्यक्रम
- आर्द्रभूमि क्यों हैं इतनी महत्वपूर्ण?
- आर्द्रभूमियों के सामने चुनौतियां
- संरक्षण के लिए क्या जरूरी है?
- निष्कर्ष
- Q1. विश्व आर्द्रभूमि दिवस कब मनाया जाता है?
- Q2. आर्द्रभूमि (Wetlands) क्या होती हैं?
- Q3. विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 की थीम क्या है?
- Q4. आर्द्रभूमि पर्यावरण के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
- Q5. भारत में विश्व आर्द्रभूमि दिवस कैसे मनाया गया?
- Q6. आर्द्रभूमियों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां क्या हैं?
- Q7. आम लोग आर्द्रभूमि संरक्षण में कैसे योगदान दे सकते हैं?
विश्व आर्द्रभूमि दिवस क्या है?
विश्व आर्द्रभूमि दिवस हर साल 2 फरवरी को मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में wetlands के संरक्षण के लिए समर्पित है। आर्द्रभूमि में झील, तालाब, नदी किनारे के क्षेत्र, दलदली जमीन और मैंग्रोव जंगल शामिल होते हैं। ये प्राकृतिक क्षेत्र पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 की थीम है — “आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का सम्मान”। इस थीम का मकसद यह बताना है कि स्थानीय समुदायों का पारंपरिक ज्ञान wetlands की रक्षा में बहुत मददगार हो सकता है।
भारत में आयोजित हुए प्रमुख कार्यक्रम
विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर देश के कई हिस्सों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
नई दिल्ली में पर्यावरण मंत्रालय की ओर से एक राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां विशेषज्ञों ने wetlands संरक्षण पर जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और प्रदूषण के कारण कई आर्द्रभूमियां खतरे में हैं।
लखनऊ में हुलास खेड़ा आर्द्रभूमि पर सफाई अभियान और जागरूकता रैली निकाली गई। इसमें स्थानीय लोगों, छात्रों और स्वयंसेवी संगठनों ने भाग लिया। बिहार के बक्सर जिले में भी छात्रों ने पोस्टर प्रतियोगिता और जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को wetlands के महत्व के बारे में बताया।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आम लोगों को यह समझाना था कि आर्द्रभूमि सिर्फ पानी से भरे क्षेत्र नहीं हैं, बल्कि वे पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जरूरी प्राकृतिक संसाधन हैं।
आर्द्रभूमि क्यों हैं इतनी महत्वपूर्ण?
आर्द्रभूमि को अक्सर प्रकृति का “प्राकृतिक सुरक्षा कवच” कहा जाता है। इनके कई बड़े फायदे हैं:
- बाढ़ नियंत्रण: भारी बारिश के समय wetlands अतिरिक्त पानी को सोख लेते हैं।
- पानी की शुद्धता: ये प्राकृतिक फिल्टर की तरह काम करते हैं और पानी को साफ रखते हैं।
- जैव विविधता: हजारों पक्षी, मछलियां और अन्य जीव wetlands पर निर्भर करते हैं।
- जलवायु संतुलन: wetlands कार्बन को संग्रहित करके जलवायु परिवर्तन के असर को कम करते हैं।
- भूजल संरक्षण: ये भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं।
आर्द्रभूमियों के सामने चुनौतियां
भारत सहित दुनिया भर में wetlands कई खतरों का सामना कर रहे हैं। अतिक्रमण, प्लास्टिक प्रदूषण, औद्योगिक कचरा और अनियोजित निर्माण के कारण आर्द्रभूमियां तेजी से सिकुड़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संरक्षण के लिए सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में पानी की कमी और पर्यावरण संकट बढ़ सकता है।
संरक्षण के लिए क्या जरूरी है?
विशेषज्ञों के अनुसार wetlands को बचाने के लिए सरकार और आम जनता दोनों की भागीदारी जरूरी है। प्लास्टिक कचरे को कम करना, जल स्रोतों को साफ रखना और स्थानीय संरक्षण अभियानों में हिस्सा लेना बेहद जरूरी है। स्कूलों और कॉलेजों में पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देना भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
निष्कर्ष
विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 हमें यह याद दिलाता है कि wetlands का संरक्षण सिर्फ पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए भी जरूरी है। अगर हम आज इन प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पानी और संतुलित पर्यावरण मिल सकेगा। आर्द्रभूमि की सुरक्षा हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
Q1. विश्व आर्द्रभूमि दिवस कब मनाया जाता है?
विश्व आर्द्रभूमि दिवस हर साल 2 फरवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आर्द्रभूमियों के महत्व के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।
Q2. आर्द्रभूमि (Wetlands) क्या होती हैं?
आर्द्रभूमि वे क्षेत्र होते हैं जहां जमीन लंबे समय तक पानी से ढकी रहती है, जैसे झील, तालाब, दलदली क्षेत्र और मैंग्रोव वन। ये पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी प्राकृतिक संसाधन हैं।
Q3. विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 की थीम क्या है?
2026 की थीम है — “आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का सम्मान”। यह थीम स्थानीय समुदायों के पारंपरिक ज्ञान से आर्द्रभूमि संरक्षण पर जोर देती है।
Q4. आर्द्रभूमि पर्यावरण के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
आर्द्रभूमि बाढ़ नियंत्रण, पानी को शुद्ध करने, जैव विविधता को बचाने और जलवायु संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं।
Q5. भारत में विश्व आर्द्रभूमि दिवस कैसे मनाया गया?
भारत में सफाई अभियान, जागरूकता रैली, स्कूल कार्यक्रम और पर्यावरण से जुड़े अभियान आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य लोगों को संरक्षण के लिए प्रेरित करना था।
Q6. आर्द्रभूमियों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां क्या हैं?
अतिक्रमण, प्रदूषण, प्लास्टिक कचरा और अनियोजित शहरी विकास आर्द्रभूमियों के लिए सबसे बड़े खतरे हैं।
Q7. आम लोग आर्द्रभूमि संरक्षण में कैसे योगदान दे सकते हैं?
लोग प्लास्टिक का उपयोग कम करके, जल स्रोतों को साफ रखकर और स्थानीय पर्यावरण अभियानों में भाग लेकर योगदान दे सकते हैं।

