ट्रुफेना मुथोनी: 72 घंटे पेड़ को गले लगा बनाया विश्व रिकॉर्ड

आज के दौर में जब हर तरफ जंगल काटे जा रहे हैं, केन्या की ट्रुफेना मुथोनी (Truphena Muthoni) ने प्रकृति प्रेम की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ट्रुफेना ने लगातार 72 घंटों तक एक पेड़ को गले लगाकर (Tree Hugging) सबसे लंबी मैराथन का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

खुद का ही रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास

ट्रुफेना का यह सफर जुनून से भरा रहा है। उन्होंने किसी और की चुनौती को नहीं, बल्कि अपने ही पिछले रिकॉर्ड को पार किया है। इससे पहले साल 2025 की शुरुआत में उन्होंने 48 घंटों तक पेड़ को गले लगाने का कीर्तिमान बनाया था। अब उन्होंने इसमें 24 घंटे और जोड़कर 72 घंटे का एक ऐसा लक्ष्य हासिल किया है, जिसे छूना नामुमकिन सा लगता है।

सिर्फ रिकॉर्ड नहीं, एक बड़ा मिशन है

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के साथ साझा करते हुए ट्रुफेना ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल सुर्खियां बटोरना नहीं है। उनके इस साहसी कदम के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  • स्वदेशी पेड़ों का संरक्षण: वह चाहती हैं कि लोग अपने आस-पास के स्थानीय और पुराने पेड़ों के महत्व को समझें और उन्हें कटने से बचाएं।
  • आदिवासी संस्कृति का सम्मान: यह रिकॉर्ड उन आदिवासी समुदायों को समर्पित है जो सदियों से जंगलों को अपना घर मानते आए हैं।
  • प्रकृति से जुड़ाव: ट्रुफेना का मानना है कि पेड़ हमारे पूर्वजों की तरह हैं और उनका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।

72 घंटे की कड़ी परीक्षा

कल्पना कीजिए, लगातार तीन दिन और तीन रात बिना सोए, एक ही जगह खड़े रहकर पेड़ को थामे रखना। यह शारीरिक थकान से कहीं ज्यादा मानसिक मजबूती की परीक्षा थी। ट्रुफेना ने इस दौरान कई कठिन चुनौतियों का सामना किया, लेकिन पर्यावरण के प्रति उनके प्रेम ने उन्हें रुकने नहीं दिया।

निष्कर्ष

ट्रुफेना मुथोनी का यह रिकॉर्ड हमें याद दिलाता है कि यदि हम अपनी धरती और पेड़ों को बचाना चाहते हैं, तो हमें उनके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ना होगा। उनका यह 72 घंटे का ‘हगिंग मैराथन’ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।

लेख से जुड़े मुख्य तथ्य (Quick Info):

  • रिकॉर्ड धारक: ट्रुफेना मुथोनी (केन्या)
  • समय: 72 घंटे लगातार
  • पिछला रिकॉर्ड: 48 घंटे (2025)
  • मुख्य उद्देश्य: स्वदेशी पेड़ों की सुरक्षा और जागरूकता

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